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पीरियड्स के दौरान महिलाएं सेक्स करना पसंद करती हैं या नहीं? जानिए क्या कहती है मेडिकल साइंस और महिलाओं की राय

 


महिलाओं के पीरियड्स को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं और मिथक मौजूद हैं। इन्हीं में से एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या महिलाएं पीरियड्स के दौरान सेक्स करना पसंद करती हैं या नहीं? यह विषय लंबे समय तक चर्चा से दूर रहा, लेकिन अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने इस पर खुलकर बात करनी शुरू कर दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस सवाल का कोई एक सीधा जवाब नहीं है, क्योंकि हर महिला का शरीर, उसकी पसंद और उसका अनुभव अलग-अलग होता है। कुछ महिलाएं पीरियड्स के दौरान शारीरिक संबंध बनाने में सहज महसूस करती हैं, जबकि कुछ महिलाएं इस दौरान पूरी तरह आराम करना पसंद करती हैं।

हर महिला की पसंद अलग हो सकती है

स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार पीरियड्स के दौरान सेक्स को लेकर महिलाओं की राय एक जैसी नहीं होती। कुछ महिलाओं को इस समय असहजता, दर्द, पेट में ऐंठन और थकान महसूस होती है, जिसके कारण वे शारीरिक संबंध बनाने में रुचि नहीं दिखातीं।

वहीं दूसरी ओर कुछ महिलाएं बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान उनके शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण यौन इच्छा सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ भी सकती है। ऐसे मामलों में वे अपने पार्टनर के साथ अधिक नजदीकी महसूस कर सकती हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि यह पूरी तरह व्यक्तिगत अनुभव पर निर्भर करता है और किसी भी महिला की पसंद को सामान्य या असामान्य नहीं माना जाना चाहिए।

हार्मोनल बदलाव निभाते हैं बड़ी भूमिका

महिलाओं के शरीर में मासिक धर्म चक्र के दौरान कई तरह के हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का स्तर लगातार बदलता रहता है।

विशेषज्ञों के अनुसार कुछ महिलाओं में इन हार्मोनल बदलावों के कारण मूड में बदलाव, भावनात्मक संवेदनशीलता और शारीरिक निकटता की इच्छा बढ़ सकती है। वहीं कुछ महिलाओं को इसी समय चिड़चिड़ापन, कमजोरी और असुविधा महसूस हो सकती है।

यही कारण है कि पीरियड्स के दौरान सेक्स को लेकर सभी महिलाओं की प्रतिक्रिया अलग-अलग होती है।

क्या पीरियड्स के दौरान सेक्स सुरक्षित है?

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार यदि दोनों वयस्क साथी सहमत हों और आवश्यक स्वच्छता तथा सुरक्षा उपायों का पालन करें, तो पीरियड्स के दौरान सेक्स सामान्य रूप से सुरक्षित माना जाता है।

हालांकि डॉक्टर यह भी बताते हैं कि इस दौरान कुछ संक्रमणों का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाना महत्वपूर्ण होता है। यदि किसी महिला को संक्रमण, अत्यधिक दर्द या अन्य स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि पीरियड्स के दौरान गर्भधारण की संभावना सामान्य दिनों की तुलना में कम हो सकती है, लेकिन पूरी तरह समाप्त नहीं होती। इसलिए गर्भनिरोधक उपायों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कुछ महिलाओं को मिल सकता है आराम

दिलचस्प बात यह है कि कई महिलाओं ने बताया है कि पीरियड्स के दौरान शारीरिक निकटता से उन्हें कुछ हद तक आराम महसूस होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि चरम सुख (ऑर्गेज्म) के दौरान शरीर में एंडोर्फिन जैसे रसायन निकलते हैं, जो दर्द और तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।

कुछ महिलाओं का अनुभव है कि इससे मासिक धर्म के दौरान होने वाली हल्की ऐंठन में राहत मिलती है। हालांकि यह प्रभाव हर महिला में समान नहीं होता।

डॉक्टरों के अनुसार यदि किसी महिला को इस दौरान दर्द या असुविधा बढ़ती महसूस हो तो उसे अपने शरीर के संकेतों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

संवाद है सबसे महत्वपूर्ण

रिलेशनशिप विशेषज्ञों का कहना है कि पीरियड्स के दौरान सेक्स से ज्यादा महत्वपूर्ण बात दोनों पार्टनर्स के बीच खुला संवाद है। किसी भी प्रकार की शारीरिक निकटता दोनों लोगों की सहमति और सहजता पर आधारित होनी चाहिए।

यदि महिला इस दौरान आराम करना चाहती है तो उसके निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं यदि वह सहज महसूस करती है तो दोनों साथी मिलकर अपनी सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रख सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ रिश्ते में एक-दूसरे की भावनाओं और जरूरतों को समझना सबसे जरूरी होता है।

पीरियड्स को लेकर मिथकों से बचना जरूरी

भारत समेत कई देशों में आज भी पीरियड्स को लेकर कई गलत धारणाएं मौजूद हैं। कुछ लोग मानते हैं कि इस दौरान महिलाओं को पूरी तरह अलग रहना चाहिए या वे सामान्य गतिविधियां नहीं कर सकतीं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन धारणाओं को वैज्ञानिक आधारहीन बताते हैं। उनका कहना है कि पीरियड्स एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है और हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है।

इसी तरह यह मान लेना भी गलत है कि सभी महिलाएं पीरियड्स के दौरान सेक्स पसंद करती हैं या सभी महिलाएं इसे नापसंद करती हैं। वास्तविकता इससे कहीं अधिक व्यक्तिगत और विविध है।

पीरियड्स के दौरान महिलाएं सेक्स करना पसंद करती हैं या नहीं, इसका कोई एक सार्वभौमिक उत्तर नहीं है। कुछ महिलाएं इस दौरान शारीरिक निकटता में सहज महसूस करती हैं, जबकि कुछ आराम करना पसंद करती हैं। यह निर्णय पूरी तरह महिला की व्यक्तिगत पसंद, शारीरिक स्थिति, भावनात्मक अवस्था और दोनों पार्टनर्स की सहमति पर निर्भर करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण बात है खुला संवाद, परस्पर सम्मान और सुरक्षित व्यवहार। किसी भी रिश्ते में साथी की भावनाओं और आराम को प्राथमिकता देना ही स्वस्थ संबंधों की पहचान है।

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